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   जहां आज मरीजों का रुझान एलोपैथिक चिकित्सा, मॉडर्न जांचें, मॉडर्न हॉस्पिटल की ओर बढ़ता जा रहा है। वहीं MRC आयुर्वेदा के डॉक्टर तपस्या शर्मा व डॉक्टर अभिषेक शर्मा ने जीर्ण रोगों के मरीजों को जिनका, देश के बड़े से बड़े मॉडर्न हॉस्पिटल ने इलाज करने से मना कर दिया था उनका इलाज, आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से किया और उनको पूर्णत स्वस्थ भी किया। MRC आयुर्वेदा मरीजों को आयुर्वेदिक औषधियों के साथ ही मरीज की मनो स्थिति भी ठीक करता है मरीज जहां मॉडर्न हॉस्पिटल में जातेजाते मानसिक रूप से परेशान हो जाता है वहीं MRCजाते मानसिक रूप से परेशान हो जाता है वहीं MRC आयुर्वेदा में उसे पॉजिटिव माहौल मिलता है, श्लोको के मंत्र उच्चारण के बीच उसका आहार-विहार, दिनचर्या, ऋतु चर्या का ध्यान रखते हुए उसका इलाज आयुर्वेदिक औषधियों व पंचकर्म और क्षार सूत्र के माध्यम से विगत 10 सालों से किया जा रहा है यही वजह है कि आज MRC आयुर्वेदा रिसर्च सेंटर ने भारत में ही नहीं अपितु विश्व के अनेक देशों में भी अपना स्थान स्थापित किया है।


पंचकर्म चिकित्सा को विदेशों तक पहुंचाने में डॉ.तपस्या शर्मा का रहा विशेष योगदान


             


आयुर्वेदिक फिजीशियन व पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ.तपस्या शर्मा ने अब तक आयुर्वेदिक औषधियों व पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से भारत के नहीं अपितु विश्व के अनेकों देशों से आये मरीजों को लाभ पहुंचाया है। डॉ.तपस्या ने क्लासिकल पंचकर्म का उपयोग करते हुए जैसे अभ्यंग, स्वेदन, वमन, विरेचन, वस्ति, जलोका, नस्य, अक्षि तर्पण, शिरोधारा से अनेकों मरीजों में अभूतपूर्व परिणाम दिया है और साथ में कई देशों से आए डॉक्टर्स को भी पंचकर्म चिकित्सा में प्रारंगत किया है। डॉ. तपस्या शर्मा ने आयुर्वेदिक पंचकर्म चिकित्सा के माध्यम से थाइराइड के कई वर्ष पुराने मरीजो में जो सालो से थाइराइड की दवाये ले रहे थे उनको पूर्णत ठीक कर दिया और कई वर्ष गुजर जाने के बाद भी उनकी दवाये पुनः चालू नहीं हुई और उनके थाइराइड के हार्मोन का लेवल भी तभी से सामान्य बना हुआ है।


साथ ही साथ अनेको त्वचारोग में जो मरीज अनेक वर्षों से इलाज करा चुके थे लेकिन उसका कोई भी स्थाई समाधान नहीं हो पाया और रोग की बार बार पुनरावृत्ति होती रही लेकिन डॉ तपस्या शर्मा ने संपूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा करके कई महीनों की दवा में ही सैकड़ों वर्ष पुराने चर्म रोग को जड़ से समाप्त कर दिया और आज वह रोगी कई वर्ष बाद भी पूर्णता स्वस्थ हैं। जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से MRC से आयुर्वेदा की ऑनलाइन चिकित्सा अपनाकर भी अनेक रोगी ठीक हुए हैं।


आज डा.तपस्या शर्मा जी की निपुणता के कारण ही MRC आयुर्वेदा को अनेकों देशों में गरिमामय स्थान मिल पाया।


डॉ.तपस्या शर्मा ने सैकड़ों ऐसे मरीजों का इलाज किया है जिनके पैरों व घुटने में काफी दर्द रहता था और वह उठने बैठने में काफी दर्द महसूस करते थे। डॉ शर्मा स्वयं से बने हुए आयुर्वेदिक तेल व दवाइयों की मदद से मरीजों को चलने में सक्षम बना दिया। डॉ शर्मा आयुर्वेदिक दवा व डाइट प्लान की मदद से सैकड़ों मरीजों का 30 से 40 किलो वजन कम किया जिससे मरीज आज भी पूर्णता स्वस्थ होकर सादगी भरी जिंदगी जी रहे हैं



मात्र विगत 10 वर्ष में ही गुदा रोग विशेषज्ञ एवं क्षार सूत्र सर्जन डॉक्टर अभिषेक शर्मा ने भारत से ही नहीं अपितु कई देशों से आये डॉक्टर्स को क्षार सूत्र आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा में अब तक 300 से भी अधिक डॉक्टर्स को प्रारंगत किया है अब तक भारत का कोई भी राज्य नहीं छूटा जहां डॉक्टर अभिषेक शर्मा द्वारा सिखाए गए डॉक्टर्स क्षारसूत्र चिकित्सा ना कर रहे हो जिनमें अब तक 3 MBBS डॉक्टर्स, 8 BAMS, MS डॉक्टर्स , 5 BAMS, MD डॉक्टर्स व 300 BAMS डॉक्टर्स, डॉ शर्मा से क्षारसूत्र की ट्रेनिंग ले चुके हैं। MRC आयुर्वेदा ने भारत में पहली बार ऑनलाइन क्षारसूत्र चिकित्सा सिखाने का कार्य दिसंबर 2018 में शुरू किया था मात्र 6 माह में ही 25 से अधिक डॉक्टर्स ऑनलाइन सीखने के बाद अपने स्थानों पर क्षारसूत्र चिकित्सा कर रहे हैं डॉक्टर शर्मा अब तक क्षारसूत्र के माध्यम से कई हजार मरीजों का सफल इलाज कर चुके हैं और वह भारत वर्ष में टिपिकल गुदा रोगों के विशेषज्ञ के मरीजों का सफल इलाज कर चुके हैं और वह भारत वर्ष में टिपिकल गुदा रोगों के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं यही कारण है कि उनके पास जम्मू, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली आदि प्रदेशों से टिपिकल गुदा रोगों के मरीज जिनको AIIMS, PGI व अन्य बड़े संस्थानों ने इलाज करने से मना कर दिया था वह मरीज MRC आयुर्वेदा में डॉ अभिषेक शर्मा के पास आए और वह पूर्णता स्वस्थ हो कर ही गए।


                   


विदेशों से भी अनेक मरीज केवल क्षारसूत्र द्वारा इलाज कराने हेतु MRC आयुर्वेदा में आते रहे हैं। डॉ. शर्मा ने क्षारसूत्र को इतना सरल बना दिया है कि अब तक जिन परिस्थितियों में मरीज को अन्य क्षार सूत्र विशेषज्ञो द्वारा इलाज करने से मना कर दिया जाता था वही दूसरी ओर उनका इलाज भी MRC आयुर्वेदा में बड़ी आसानी से किया जाता रहा है जिसके अनेकानेक उदाहरण है


* 2 साल से लेकर 95 वर्ष की आयु तक डॉ.शर्मा द्वारा क्षार सूत्र आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा इलाज किया गया है।


कमी में एक मरीज में 3.7 हीमोग्लोबिन, 2 मरीजों में 3.8 ग्राम हीमोग्लोबिन व 4 से 8 ग्राम हिमोग्लोबिन के सैकड़ों मरीजों मैं पाइल्स का क्षार सूत्र से इलाज डॉ. शर्मा द्वारा किया जा चुका है।


| * सभी तरफ के फिस्टुला जैसे - रेक्टो वेजाइनल फिस्टुला, रैक्टो स्कॉटल फिस्टुला, वेजाइनल फिस्टुला, हॉर्स शू शेप फिस्टुला, टयूवरकुलर फिस्टुला, मल्टीपल फिस्टुला, हाई रेक्टल फिस्टुला, सबम्यूकस फिस्टुला आदि में भी डा.शर्मा ने अविश्वसनीय परिणाम दिए हैं।


पूरे संसार के लिए एनल इनकांटीनेंस जैसी अति गंभीर बीमारी जिसमें मॉडर्न ऑपरेशन के बाद गुदा का कंट्रोल खत्म हो जाता हैऔर मल कपड़ों में निकल जाता है ऐसी गंभीर बीमारी के भी डॉक्टर अभिषेक शर्मा अब तक तीन लाई की मल को कंट्रोल करने की क्षमता वापस आ गई जो सर्जरी के क्षेत्र में एक मिसाल बन सकता है। इसके अलावा फिशर, क्रॉनिक फिशर, पिलोनाइडल साइनस, रेक्टल प्रोलेप्स, एनल कंडाइलोमा, रेक्टल पॉलिप जैसी बीमारियों का भी क्षारसूत्र से इलाज करते हैं MRC आयुर्वेदा में हुई क्षार सूत्र चिकित्सा की विशेषता है कि डॉक्टर शर्मा एक ही सिटिंग में एक मरीज में समस्त रोगों के एक साथ होने पर भी चिकित्सा कर देते हैं।


आज MRC आयुर्वेदा के 10 वर्ष पूरे होने पर आप सभी को धन्यवाद देते हुए आपको बताने जा रहे हैं कि जल्द ही जालंधर पंजाब में MRC आयुर्वेदा की एक ब्रांच खुलने जा रही है। 


                              |MRC आयुर्वेदा लोटस गार्डन, सुनरख रोड, वृंदावन (मथुरा) यु.पी. Email: mrcayurveda@gmail.com, Web: mrcayurveda.com, contact :+91 9897546531